कोलकाता। ये तो सब जानते हैं कि आज के दौर में ये देश का एक अहम कॉमर्शियल सेंटर तो है ही, और साथ में एक शानदार इतिहास और संस्कृति की एक खास विरासत संभाले हुए है। आप किसी काम के सिलसिले में कभी कोलकाता आएं, तो इस शहर में घूमने, इसकी खूबसूरती को करीब से देखने का वक्त जरूर निकालिएगा। जब शहर इतना खास हो, तो अपने काम से थोड़ी देर छुट्टी लेकर, इसे देखना तो बनता है। खैर, अगर आप एक आम सैलानी हैं तो आप, ऐतिहासिक इमारतें, मौन्यूमेंटेस, मंदिर, म्यूजियम्स, वो सब घूम लेंगे। शॉपिंग पसंद हो तो यहां के बाजार भी आपको जन्नत लगेंगें। लेकिन, अगर आपमें डर को आजमाने का शौक है, अगर आपको हॉरर फिल्में और कहानियां पसंद हैं, तो कोलकाता में आपके लिए भी बहुत कुछ है। यहां दो-चार नहीं, बल्कि बहुत सी हॉंटेड जगहें हैं। इन्हीं में से कुछ सबसे ज्यादा जानी-मानी जगहों के बारे में आप आगे पढ़ सकते हैं।

1. हावड़ा ब्रिज- सफेद पोशाक वाली आत्मा

हावड़ा ब्रिज- सफेद पोशाक वाली आत्मा

हावड़ा ब्रिज- सफेद पोशाक वाली आत्मा

यूं तो हावड़ा ब्रिज कोलकाता की शान है, टूरिस्ट्स का एक फेवरेट स्पॉट है। वहीं दूसरी तरफ ये प्रेत आत्माओं का अड्डा भी है। ब्रिज के नीचे ट्रेनिंग करते कुश्तीबाजों से पूछिए। उनके किस्से सुनकर यकीनन आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। उनमें से बहुतों ने अक्सर हूगली नदी में से कुछ हाथ निकलते देखे हैं। बताना मुश्किल है कि वो हाथ इंसानों के ही हैं या आत्माओं के। किसी-किसी ने सफेद कपड़ों में रोती हुई एक औरत को भी कई बार देखा है जो गुजरने वालों को अपनी खास आवाज में पुकारती है। जिसने भी उस आवाज का पीछा किया, वो सदमें से कभी उभर नहीं पाया। कहा जाता है कि ये आत्माएं उन लोगों की हैं जिनकी जान, गलती से या जान-बूझ कर इस नदी में डूब जाने से चली गई। वैसे तो आत्माएं हर जगह रात में ही नजर आती हैं मगर कहा जाता है कि यहां सुबह का वक्त सबसे ज्यादा भयानक होता है।

2. नेशनल लाइब्रेरी- पागलपन वाला भूत

नेशनल लाइब्रेरी- पागलपन वाला भूत

नेशनल लाइब्रेरी- पागलपन वाला भूत

अलिपोर स्थित नेशनल लाइब्रेरी भी एक ऐसी जगह है जहां प्रेत-आत्मों का डेरा है। (सन्नाटा, और आसपास किताबों की महक। क्या आपको भी लगता है कि लाइब्रेरी आत्माओं की पसंदीदा जगह होती होगी?) कुछ लोग बताते हैं कि यहां अकेले में किताब पढ़ते वक्त, उनको किसी की सासों की आवाजें आती हैं। और ये आवाजें और तेज हो जाती हैं अगर कोई किताब को उसकी सही जगह पर ना रखे। हर चीज को बार-बार चेक करने और उसे सही से रखने का पागलपन कहलाता है Obsessive compulsive disorder या OCD। इंसानों में तो आपने सुना होगा, पर OCD वाला भूत पहली बार सुना होगा। और भी कई लोगों ने लाइब्रेरी में कई बार कदमों की आवाजें सुनी हैं पर किसी को चलते हुए नहीं देखा। यहां के लाइब्रेरियन्स ने भी कई बार कुर्सियों को खिंचते हुए देखा है और साथ में पन्ने पलटने और किताबें गिरने की आवाजें सुनी हैं। कहा जाता है कि ये भूत भारत के पूर्व गवर्नर जनरल चार्ल्स मेटकॉल्फ की पत्नि का है।

3. निमतला घाट- अघोरियों का बसेरा

निमतला घाट- अघोरियों का बसेरा

निमतला घाट- अघोरियों का बसेरा

भूत-प्रेतों की बात हो और श्मशान का जिक्र ना हो तो बात कैसे पूरी हो सकती है। निमतला घाट कोलकाता के सबसे पुराने श्मशानों में से एक है। काली पूजा के मौके पर बहुत से अघोरी यहां इकट्ठे होते हैं। जले हुए शरीरों को खाते हैं और उनकी राख अपने शरीर पर लपेटते हैं। ऐसे दृश्य आपने कहानियों में सुने होंगे, फिल्मों में भी देखे होंगे। श्मशानों का नाम सुनते ही जिस डर से नसें कपकँपाने लगती हैं, उस डर को यहां असल में जीने का अनुभव यकीनन खास होगा।

4. पुतुलबाड़ी- भूतिया डॉल्स का बंगला

पुतुलबाड़ी- भूतिया डॉल्स का बंगला

पुतुलबाड़ी- भूतिया डॉल्स का बंगला

लगता है कि भूतों की जितनी भी कहानियां आपने सुनी या देखी हैं, वो सब कोलकाता में सच होती दिखती हैं। दी कॉन्ज्यूरिंग या एनाबेल जैसी फिल्में देखी हैं आपने? इनमे एक डॉल होती है, जिसपर भूत का साया होता है। ये कहानी पुतुलबाड़ी में सच होती दिखती है। इस आलीशान बंगले में घुसते ही, स्टैंड्स में सजी डॉल्स आपके होश उड़ा देंगी। वैसे तो यहां लोग रहते हैं, पर वो भी आपको ऊपरी मंजिल पर जाने से रोकेंगे। कहा जाता है कि इस इमारत के अमीर मालिकों ने कई महिलाओं के साथ दुश्कर्म किया और उन्हें मार डाला, जिनकी आत्माएं यहां मंडराती हैं। लोगों ने यहां अकेले होने पर हंसी की और पाजेबों की आवाजें कई बार सुनी हैं।

5. राइटर्स बिल्डिंग- वो मरकर भी जिंदा है

राइटर्स बिल्डिंग- वो मरकर भी जिंदा है

राइटर्स बिल्डिंग- वो मरकर भी जिंदा है

बिनोय बादल दिनेश बाग़ की राइटर्स बिल्डिंग में एक मुर्दा आदमी रोज टहलता है। कहते हैं कि ये भूत ईस्ट इंडिया कंपनी के कप्तान सिम्सन का है जिनको क्रांतिकारियों ने आजादी की लड़ाई के दौरान मार डाला था। बिल्डिंग की देखभाल करने वाले बताते हैं कि वो रात में भूत को टहलता देखते हैं और यहां चीखने की अजीब सी आवाजें भी सुनाई देती हैं, हालांकि शाम को सात बजे के बाद यहां लोगों का आना जाना मना है। इस इमारत की देखभाल के लिए भी जिन लोगों को रखा गया, दावा है कि कोई भी 24 घंटे से ज्यादा रुक नहीं पाया।

6. दी रॉयल कैलकटा टर्फ क्लब- वो हारा, पर मरा नहीं।

दी रॉयल कैलकटा टर्फ क्लब- वो हारा, पर मरा नहीं।

दी रॉयल कैलकटा टर्फ क्लब- वो हारा, पर मरा नहीं।

कोलकाता में सिर्फ इंसान ही नहीं घोड़े भी भूत बनकर घूमते हैं। यहां के लोग दावा करते हैं कि ये विरला और अजब नजारा दी रॉयल कैलकटा टर्फ क्लब में देखा जा सकता है। कई लोगों ने पूर्णिमा की रात में एक सफेद घोड़ा यहां रेस ट्रेक पर दौड़ता देखा है। माना जाता है ये प्राइड नाम का घोड़ा है जो एक ब्रितिश हॉर्स रेसिंग के शौकीन, जॉर्ज विल्यम्स का है। इस घोड़े ने बहुत सी रेसेज जीतीं और अपने मालिक को खूब दौलत और शोहरत भी दिलाई। मगर एक दिन वो एक रेस हार गया और अगले दिन उसे ट्रैक पर मरा हुआ पाया गया।

7. हैसिंग्स हाउस- एक फाइल तलाशता भूत

हैसिंग्स हाउस- एक फाइल तलाशता भूत

हैसिंग्स हाउस- एक फाइल तलाशता भूत

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, हैसिंग्स हाउस, प्रेसिडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम (बंगाल) के पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हैसिंग के नाम पर है। इंगलैंड वापस लौटने पर हैसिंग पर कई तरह की गड़बड़ियों के आरोप लगे। साल तक चले मुकद्दमें के बाद उनको निर्दोश पाया गया। कहा जाता है कि उनका भूत हैसिंग हाउस में आकर एक फोल्डर की तलाश करता है जिसमें उनकी बेगुनाही साबित करने वाले कागज़ात थे जो उनको इन आरोपों से बचा सकते थे। हैसिंग्स हाउस अब एक कॉलेज है जहां बहुत से स्टूडेंट्स घोड़े पर सवार एक भूत को देखने का दावा करते हैं। इस बिल्डिंग को लेकर एक और किस्सा मशहूर है कि यहां फुटबॉल खेलते वक्त एक स्कूली लड़के की मौत हो गई थी। मौजूदा वक्त में बहुत से बच्चे फुटबॉल खेलते वक्त बुरी तरह चोटिल होने की बात करते हैं।

8.रविंद्र सरोवर मैट्रो स्टेशन- आत्महत्याओं का अड्डा

रविंद्र सरोवर मैट्रो स्टेशन- आत्महत्याओं का अड्डा

रविंद्र सरोवर मैट्रो स्टेशन- आत्महत्याओं का अड्डा

अंडरग्राउंड मैट्रो स्टेशन्स, और भूतों के किस्से यूं तो पुराने नहीं हैं। इसमें रविंद्र सरोवर मैट्रो स्टेशन की कहानियां भी कम भयानक नहीं हैं। इस मैट्रो स्टेशन पर बहुत से लोगों ने पैसेंजर्स और मैट्रो डाइवर्स ने भी प्लैटफॉर्म पर, पिलर्स के आस-पास और रेलवे ट्रैक पर आत्माओं को देखने का दावा किया है। अगर वाकई में भूतों को देखने और डर को हराने का शौक है तो यहां जरूर आइये। बस एक बात का ध्यान रखिए। भूलकर भी आधी रात के वक्त आखिरी ट्रेन मत लेना। कहते हैं कि उसी ट्रेन पर भूतों का साया है।

9. विप्रो ऑफिस, सॉल्ट लेक सिटी- टैक सैवी आत्माएं

विप्रो ऑफिस, सॉल्ट लेक सिटी- टैक सैवी आत्माएं

विप्रो ऑफिस, सॉल्ट लेक सिटी- टैक सैवी आत्माएं

अगर आप किसी आई.टी. कंपनी के साथ काम करने कोलकाता आएं तो जरूर सॉल्ट लेक सिटी के किसी होटल में ही ठहरेंगे। यहां कुछ टैक-सैवी भूत आपको मिलेंगे क्योंकि यहां का विप्रो ऑफिस भूतों को काफी रास आ गया है। सॉल्ट लेक सिटी या बिधान नगर एक दलदली जमीन पर बना है। कहते हैं कि ये विप्रो का ऑफिस जहां बना है वहां पहले एक कब्रस्तान था। यहां काम करने वालों को एक अदृश्य ताकत का एहसास होता है और रात के वक्त वो अकेले वॉशरूम या लिफ्ट में जाने से भी घबराते हैं।

10. पार्क स्ट्रीट सैमेटरी- डर की असली तस्वीर

पार्क स्ट्रीट सैमेटरी- डर की असली तस्वीर

पार्क स्ट्रीट सैमेटरी- डर की असली तस्वीर

कब्रस्तान की जगह बनी इमारत में अगर भूतों का खौफ होता है तो फिर कब्रस्तान के अंदर तो इस डर का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। शायद इसीलिए पार्क स्ट्रीट सैमेटरी कोलकाता की सबसे हॉन्टेड जगह मानी जाती है। आधी रात को यहां आने वाले लोग बताते हैं कि उन्होंनें यहां दीवारों पर अजीब तरह की परछाईयां देखी हैं और अजीब दिल दहला देने वाली आवाजें सुनी हैं। एक किस्सा मशहूर है कि यहां एक दोस्तों का ग्रुप आया और अचानक उनमें से एक लड़के ने सांस लेने में तकलीफ महसूस की। लोगों की माने तो कैमरे भी काम करना बंद कर देते हैं और कुछ अजीब तरह के फोटोज क्लिक हो जाते हैं। यकीन ना हो तो कैमरा लेकर पार्क स्ट्रीट सैमेटरी में एकबार जरूर जाइये।

11. कोलकाता डॉकयार्ड- जहां नवाब बदला लेने आते हैं

कोलकाता डॉकयार्ड- जहां नवाब बदला लेने आते हैं

कोलकाता डॉकयार्ड- जहां नवाब बदला लेने आते हैं

अवध के नवाब वाजिद अली शाह द्वारा बनाया गया ये डॉकयार्ड जिसे किदरपोर डॉक के नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजों के द्वारा छले जाने से पहले तक यहां से उनका समुद्री व्यापार काफी अच्छा चलता था। अब लोग कहते हैं कि यहां उनकी आत्मा अंग्रेजों से बदला लेने के लिए मंडरा रही है।

12. लोअर सर्कुलर रोड सैमिटेरी- एक भूली-बिसरी दुखी आत्मा का घर

लोअर सर्कुलर रोड सैमिटेरी- एक भूली-बिसरी दुखी आत्मा का घर

लोअर सर्कुलर रोड सैमिटेरी- एक भूली-बिसरी दुखी आत्मा का घर

पार्क रोड सैमिटेरी से कुछ दूरी पर ही लोअर सर्कुलर सैमिटेरी है। तमाम कब्रों के बीच यहां एक ब्रिटिश सरकारी अफसर विलियम हेय मैक्नेघ्टन की भी कब्र है जिन्हें एन्गलो-अफगान युद्ध के दौरान मार दिया गया था। उनके शरीर को बहुत बुरी अवस्था में उनकी पत्नी यहां लाईं और यहीं उसे दफ्न किया। कहा जाता है कि अगर आप उनकी कब्र पर ये कहानी सुनाएं तो उसके ऊपर जो पेड़ है वो भी कांपने लगता है। मानो कुदरत भी उस आत्मा के दर्द पर रो रही हो।

जब भी आप कोलकाता आकर, कोलकाता के होटल्स में ठहरें तो, इन जगहों पर एक बार जाने की हिम्मत जरूर जुटाएं। आत्माओं की मौजूदगी महसूस करें ना करें, पर इन सभी जगहों पर घूमने का अपना अलग अनुभव होगा।

अपने अनुभव नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं। उम्मीद है कि आत्माओं की दुनिया में जाने का आपका भी मन कर गया होगा।

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